Thursday, 1 October 2026

छत्तीसगढ़ी साहित्य यात्रा

 छत्तीसगढ़ी साहित्य यात्रा 


साहित्य संदेश (साथी संदेश) : संपादक श्री स्वराज करुण जी का आभार। पढ़ने में असुविधा न हो अतः मूल आलेख भी प्रस्तुत है - 

"राज बने के बाद छत्तीसगढ़ी साहित्य के विकास यात्रा"


छत्तीसगढ़ के राज्य बनते साठ इहाँ की जनता मा नवा ऊर्जा के संचार होइस। खास करके साहित्य सृजन मा आशातीत प्रगति देखे बर मिलिस। गद्य अउ पद्य के अनेक विधा मन मा सृजन होए लगिस। छत्तीसगढ़ी भाषा के अनेक किताब प्रकाशित होवन लगिस। सक्षम साहित्यकार मन निजी प्रयास ले अपन किताब के प्रकाशन करवाये लगिन। कुछ श्रद्धालु प्रकाशके मन जुन्ना प्रतिष्ठित साहित्यकार मन के पांडुलिपि मन ला अपन खर्चा मा छपवाये लगिन। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के गठन के बाद साहित्यकार मन ला किताब छपवाये बर शासन द्वारा आर्थिक सहयोग घलो प्रदान करे जात हे। कोनो भाषा के प्रकाशित साहित्य वो  भाषा के वैचारिक समृद्धि के परिचायक होथे। पृथक राज्य बने के बाद के पच्चीस बछर मा छत्तीसगढ़ ए मायने में घलो समृद्ध होइस हे। छत्तीसगढ़ राज्य बने के बाद प्रकाशित अनेक किताबों में से कुछ किताब के नाम इहाँ उदाहरण स्वरूप दिए जावत हे- 


छत्तीसगढ़ी उपन्यास - माटी के मितान (सरला शर्मा), बन के चंदैनी (सुधा वर्मा), कका के घर, भुइयाँ, माटी के बरतन, जानकी आदि (रामनाथ साहू, 2003-09, 2017-19) केंवरछ (मुकुंद कौशल), करौंदा (परमानंद वर्मा, 2015), डिंगई (लोकबाबू,2016), जुराव,तुम्हर जाय ले गिंयाँ (कामेश्वर प्रसाद पांडे), केंवट कुंदरा, बहू हाथ के पानी (दुर्गाप्रसाद पारकर, 2020-21), चन्दा (दीनदयाल साहू, 2022), रिया के चाय (धनेश्वरी सोनी, 2024), गरीबा (हरप्रसाद निडर, 2025), लीमचौरा (ऋषि गजपाल) आदि


छत्तीसगढ़ी नाटक - जागे जागे सूतिहा गो, हरदी पींयर झांगा- पागा, बिलासा :अरपा के बेटी (रामनाथ साहू 2001, 2017,2024), मंगलू (डॉ राघवेंद्र दुबे, 2001), पीरा (सुरेन्द्र दुबे, 2003) रानी दाई डभरा के (नन्दकिशोर तिवारी), दुलारी (सुधा वर्मा, 2007), शिवनाथ, सुकवा, चन्दा, सोन चिरई, सुराजी गाँव (दुर्गाप्रसाद पारकर, 2013 से 2020), भोले के गोले (सुशील भोले, 2015) नवा सुरुज (सुरेन्द्र दुबे), अपन भरोसा-तीन परोसा (श्रीनिवास राव, 2018), सती बिलासा नोनी, मया के रंग ( महावीर चन्द्रा”दीन”, 2022) आदि


छत्तीसगढ़ी काव्य नाटिका - 

अइसनेच रात पहाही (जीवन यदु राही)


छत्तीसगढ़ी बाल नाटक - छत्तीसगढी बाल नाटक (सुशील यदु), प्रकृति अउ मनखे (सुधा वर्मा)


छत्तीसगढ़ी व्यंग्य संग्रह - बियंग के रंग (संजीव तिवारी), तुंहर जऊँहर होवय (धर्मेंद्र निर्मल, 2016), का कहिबे (गुलाल वर्मा, 2024), का के बधाई, बोल रे मिट्ठू बोल (राजकुमार चौधरी “रौना”, 2019), घोलघोला बिना मंगलू नइ नाचे (सुशील यदु), मोर पँड़वा गँवागे (सुरेन्द्र दुबे), उबुक-चुबुक, उत्ताधुर्रा (रामेश्वर वैष्णव, 2025), बिन पइसा के मंडई (टीकेश्वर सिन्हा "गब्दीवाला"), कल्लू कुकुर के पॉवर (विजय मिश्रा “अमित”)


छत्तीसगढ़ी कहानी संग्रह - हमला तैं झन भरमा जी, बिरसपत के बिरसपत, डेरी, झालर (परदेशी राम वर्मा)

तिरबेनी, करिया अंगरेज, तुतारी ( चंद्रहास साहू, 2016-22), बगरे गोठ (चन्द्रकला त्रिपाठी), जुड़वा बेटी, बहुरिया ( चोवाराम “बादल”, 2019-22), अँजोर (दीनदयाल साहू), मन के पाँखी (डुमन लाल ध्रुव), बुढ़वा कोकड़ा (हरप्रसाद निडर), भोलापुर के कहानी, कहा नहीं (कुबेर साहू, 2010-11), छत्तीसगढ़ के रतन बेटा, खेतिहारिन, अनोखी बहू (कमलेश प्रसाद शर्माबाबू, 2021-23), पुरखा के इज्जत (महेन्द्र देवांगन "माटी", 2021), गुलाब लच्छी, गुड़ ढिंढा (मंगत रवींद्र), बिहान होय के पहिली, पहरूवा जागत रहिगे (नरेंद्र कौशिक अमसेनवी) पुतरी-पुतरा के बिहाव, तोर सुरता (परमानन्द वर्मा), रतिहा पहागे, सउत (सत्यभामा आडिल), अगोरा (शैल चंद्रा), पाये लुगरा (सुधा वर्मा), मनटोरा (सुधा शर्मा), सात लर के करधन (शकुंतला तरार), गोदना के फूल (उर्मिला शुक्ला), शहीद के गाँव, कहानी (जय भारती चन्द्राकर, 2018), रहम के रोटी (किशन टण्डन “क्रान्ति”), पावन पिरित के लहरा (अनिल भटपहरी)


छत्तीसगढ़ी लघु कथा / कहानी - करगा (शकुन्तला शर्मा), गुड़ी ह अब सुन्ना होगे (शैल चंद्रा, 2017), टुकना (मंगत रवींद्र)


छत्तीसगढ़ी लोककथा  - कथा आय न कंथली, ठग अउ जग (वीरेंद्र सरल, 2023), सुखवन्तिन (बुधराम यादव), भरम के नांव टोनही (बंधु राजेश्वर खरे), छत्तीसगढ़ी कथाकंथली (कुबेर साहू), चुरकी भुरकी, 'किस्सा ठलहा राम के (सुधा वर्मा),लोरिक चंदा गाथा (मंगत रवींद्र), डोकरी दाई के कहिनी (सेवकराम बांधे,2024) आदि


छत्तीसगढ़ी बाल कहानी - जंगल के रखवार (विनय शरण सिंह), बंटी के घर (सुधा वर्मा, सचित्र)


छत्तीसगढ़ी निबंध - माटी कहे कुम्हार से, गुनान गोठ (लक्ष्मण मस्तुरिया), मैं गांव के गुड़ी अंव (चोवाराम “बादल” 2023), तीज तिहार अउ परंपरा (महेंद्र देवांगन “माटी” 2019), पुरखा के सुरता (ओमप्रकाश साहू”अंकुर”,2024)


संस्मरण - सुरता के बादर (सरला शर्मा), सुरता के संसार (सुशील भोले, 2022)


लेख / आलेख - छत्तीसगढ़ी के खुजार (बिहारीलाल साहू), आखर के अरथ (सरला शर्मा), तरिया के आँसू, परिया धरती के सिंगार (सुधा वर्मा, 2006, 2013),आखर अंजोर (सुशील भोले, 2006), सियान मनके सीख (रश्मि रामेश्वर गुप्ता, 2016), हमर धरोहर (टीकेश्वर सिन्हा "गब्दीवाला")


छत्तीसगढ़ी समीक्षा - छत्तीसगढ़ साहित्य के सौ साल, छत्तीसगढ़ी साहित्य के कुछ महत्वपूर्ण कवि (डॉ. बल्देव साव, 2011, 2013), विमर्श के कसौटी म समकालीन छत्तीसगढ़ी साहित्य (पोखन लाल जायसवाल, 2024)


चम्पू काव्य - हमर स्वामी आत्मानंद (छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रथम चंपू काव्य, चोवाराम “बादल”,  2023)


पल्लवन - ताना-बाना (छत्तीसगढ़ी भाषा में भाव पल्लवन की प्रथम किताब, चोवाराम “बादल”, 2024)


अनुवाद (गद्य) - ढाई आखर प्रेम के (अंग्रेजी कहानियों का छत्तीसगढ़ी अनुवाद, अनुवादक - कुबेर साहू, 2015), चेखव के दुनिया, अंतोन चेखव की कहानियों का छत्तीसगढ़ी अनुवाद, अनुवादक - कुबेर साहू, 2020

मैक्जिम गोर्की की कहानियों का छत्तीसगढ़ी अनुवाद, (अनुवादक - कुबेर साहू), इशादि नौ उपनिषद्

(ईश, केन, कठ, प्रश्न, मुण्डक, माण्डूक्य, ऐतरेय, तैत्तिरीय और श्वेताश्वेतरो-उपनिषद्), छत्तीसगढ़ी अनुवाद एवं व्याख्या, (अनुवादक - गीता शर्मा), पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी के कहिनी मन के छत्तीसगढ़ी अनुवाद, (अनुवादक - नलिनी श्रीवास्तव), छत्तीसगढ़ी मा प्रेमचंद के कहानी, (अनुवादक - परदेशीराम वर्मा)


अनुवाद / भावानुवाद (पद्य) - आनी बानी (भारतीय ज्ञानपीठ ले पुरस्कृत चौदह भारतीय भाषा की कविताओं का  छत्तीसगढ़ी अनुवाद, अनुवादक - दादूलाल जोशी "फरहद", 2009), अँधियार मा (मुक्तिबोध की कविताओं का छत्तीसगढ़ी अनुवाद, अनुवादक - भगत सिंह सोनी) श्रीमद्भागवत गीता (श्रीमद्भागवत गीता का छत्तीसगढ़ी भाषा में छन्दबद्ध भावानुवाद, अनुवादक - पुरुषोत्तम ठेठवार), गुरु गियान(बाकृष्ण गुप्त गुरु के कथाओं का छत्तीसगढ़ी अनुवाद लघुकथा, अनुवादक - पीसीलाल यादव, 2023), गीतांजलि - गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर की गीतांजलि का छत्तीसगढ़ी अनुवाद, अनुवादक - रामनाथ साहू)


छत्तीसगढ़ी बाल गीत - मेचका राजा मछरी रानी, बिन बरसे झन जाबे बादर, नाचों ताता थैया, आवो पेड़ लगावों (बलदाऊराम साहू), फुरफुन्दी (कन्हैया साहू “अमित”, 2022), खोखो मोखो डालिया (मनीराम साहू “मितान”, 2022),माटी के चुकिया (चोवाराम “बादल”2023), बगरे हे चंदा अँजोर (पीसीलाल यादव), ममा गाँव जाबो (पद्मा साहू”पर्वणी”), सगा पुताना (मिनेश साहू, 2021), फुलवारी (इंद्राणी साहू”साँची”)


छत्तीसगढ़ी शिशु गीत - मोर गाड़ी (पीसीलाल यादव)


छत्तीसगढ़ी मुक्तक संग्रह - उटका पुरान (कमलेश प्रसाद शर्माबाबू, 2023)


छत्तीसगढ़ी चारगोड़िया संग्रह - अम्मर बाई कथे (केदार दुबे), सब ओखरे संतान (सुशील भोले, 2017)


छत्तीसगढ़ी जनउला - जयकारी जनउला (कन्हैया साहू “अमित”, 2022), आवव जानिन जनऊला (कन्हैया साहू “अमित”, 2024)


छत्तीसगढ़ी ताँका संग्रह - हरियर मड़वा (रमेश कुमार सोनी)


छत्तीसगढ़ी हाइकु संग्रह - गुरतुर मया (रमेश कुमार सोनी), निर्मल हाईकु (धर्मेंद्र निर्मल, 2019)


छत्तीसगढ़ी सेदोका संग्रह - फुलेरा (रमेश कुमार सोनी)


छत्तीसगढ़ी गजल संग्रह - छत्तीसगढ़ी गजल (मुकुंद कौशल, 2002), भुइयाँ मा आगास (रामेश्वर वैष्णव, 2022), सुरुज नवा उगइया हे (बलदाऊराम साहू), कोजन का होही (धर्मेंद्र निर्मल 2015), पाँखी काटे जाही (राजकुमार चौधरी “रौना”, 2023), मया के किताब (शिव निश्चिंत), माधुरी मंजरी (माधुरी डड़सेना मुदिता) बगरै छंद अँजोर (सुखदेव सिंह अहिलेश्वर, 2022), गजल के ग (अरुण कुमार निगम, 2025)


छत्तीसगढ़ी प्रबन्ध काव्य - सोनाखान के आगी (लक्ष्मण मस्तुरिया, द्वितीय संस्करण 12011), हीरा सोनाखान के, छत्तीसगढ़ के मंगल पांडे - वीर हनुमान सिंह, महा परसाद, राजिम सार (मनीराम साहू “मितान”)


छत्तीसगढ़ी खंडकाव्य - महाभारत म दुरपति (उर्मिला शुक्ला)


छत्तीसगढ़ी महाकाव्य - श्री सीताराम चरित (चोवाराम “बादल”)


छत्तीसगढ़ी गीत / कविता संग्रह - 


छन्नर छन्नर पैरी बाजे (कोदूराम “दलित,2007)

तपत कुरु भइ तपत कुरु (पं. दानेश्वर शर्मा,2006)

मोर संग चलव, साँवरी (लक्ष्मण मस्तुरिया, 2003, 2012)

उजियारा बगरावत चल, आही नवा अँजोर (रघुवीर अग्रवाल पथिक, 2004, 2015)

धरती सबके महतारी- (डॉ. बल्देव साव, 2002)

पतरेंगी, रितु बरनन, दाई खेलन दे - निरुपमा शर्मा) 

नोनी बेन्दरी (रामेश्वर वैष्णव), सवनाही (रामेश्वर शर्मा, 2016), चंदन कस तोर माटी हे (शकुन्तला शर्मा)

हरियर आमा घन मंउरे (सुशील यदु, 2014)

हाँसत गावत गीत (विमल कुमार पाठक, 2016)

गँवागे मोर गाँव, खेती अपन सेती (जीतेंद्र वर्मा “खैरझिटिया”), सीता के अगिन परीक्षा, श्रीमदभागवत कथा (कपिलनाथ कश्यप), हम खेलबो घर घूंदिया (मुरारीलाल साव) आदि।


छत्तीसगढ़ी पद्य साहित्य ला समृद्ध करे के उद्देश्य ले 2016 मा  “छन्द के छ-ऑनलाइन गुरुकुल” के स्थापना होए रहिस जेमा भारतीय छन्द मन के विधि-विधान सिखाये जात हे। ए गुरुकुल के कारण छत्तीसगढ़ मा छन्द के क्रांति-असन आगे। इहाँ ले सीख के अनेक कवि मन छन्दबद्ध कविता मन के अनेक किताब घलो प्रकाशित करवा डारिन हें। उदाहरण स्वरूप कुछ किताब के नाम देखव - 


छत्तीसगढ़ी छन्द संग्रह - छन्द के छ (अरुण निगम), छन्द बिरवा (चोवाराम “बादल”, छन्द के छटा (शकुन्तला शर्मा), छन्द चंदैनी (आशा देशमुख), ये कलजुग के गोठ, कुण्डलिया छन्द संग्रह (अजय अमृतांशु), गजामूंग के गीत, दोहा गीत संग्रह (मनीराम साहू “मितान”), छन्द संदेश, छत्तीसगढ़ी रामायण (जगदीश हीरा साहू), अमृतध्वनि छन्द, हरिगीतिका छन्द, त्रिभंगी छन्द, छन्द कटोरा, आल्हा छन्द जीवनी (बोधनराम निषादराज), छंद गीत बहार (द्वारिका प्रसाद लहरे), छंद झरोखा, छंद बगीचा (रामकुमार चन्द्रवंशी), दोहा के रंग, आँखी रहिके अँधरा, छंद चालीसा, छंद के रंग (रमेश कुमार चौहान), बगरै छंद अँजोर (सुखदेव सिंह अहिलेश्वर), जयकारी के रंग, मनहरण घनाक्षरी संग्रह (विजेन्द्र कुमार वर्मा), त्रिभंगी छन्द धारा (संगीता वर्मा), सवैया सरोवर (इंजी. गजानंद पात्रे), छप्पय छन्द छानी (पुरुषोत्तम ठेठवार), सवैया छंद संग्रह, बरवै कोठी (धनेश्वरी सोनी “गुल”), छन्द फुलवारी (शुचि भवि) आदि।


छत्तीसगढ़ी व्याकरण - छत्तीसगढ़ी का सम्पूर्ण व्याकरण, छत्तीसगढ़ी व्याकरण (डॉ. विनय कुमार पाठक एवं डॉ. विनोद कुमार वर्मा, 2019, 2023), छत्तीसगढ़ी व्याकरण (चंद्र कुमार चन्द्राकर), सरल छत्तीसगढ़ी (रामेश्वर शर्मा) आदि।


छत्तीसगढ़ी भाषा के किताब के प्रकाशन मा स्थानीय प्रकाशक अउ छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के योगदान सब ले ज्यादा हे। कुछ किताब आने राज्य के प्रकाशक मन घलो छापिन हें। छत्तीसगढ़ी भाषा मा पाछू के 25 बछर मा  किताब तो बहुत अधिक प्रकाशित होइन हें फेर सब किताब के नाम के उल्लेख करना संभव नइ हो सके तभो ले विविध विधा मन मा प्रकाशित कुछ किताब मन के उल्लेख ए आलेख मा करे गेहे। हम गर्व ले कहि सकथन कि छत्तीसगढ़ राज्य बने के 25 बछर मा छत्तीसगढ़ी भाषा के छत्तीसगढ़िया साहित्यकार मन साहित्य के हर विधा मा लेखन करके, किताब प्रकाशित करवा के छत्तीसगढ़ी साहित्य ला समृद्ध करिन हें अउ भविष्य मा घलो करत रहीं। आशा हे कि आलेख के पाठक मन जरूर लाभान्वित होहीं।


अरुण कुमार निगम

संस्थापक - छन्द के छ, छत्तीसगढ़

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