Sunday, 1 March 2026

इंटरव्यूह* (छत्तीसगढ़ी लघु कथा) - डाॅ विनोद कुमार वर्मा

 .            *इंटरव्यूह* (छत्तीसगढ़ी लघु कथा)


                            - डाॅ विनोद कुमार  वर्मा 


        ' बच्चा मँय काली भक्त हँव। काली माता तोर कल्याण करही।'

       ' धन्यवाद महराज! '

     ' बच्चा सौ रूपये दे दे। मँय  तोर बर देवी माता ले मन्नत माँग लेहूँ! '

     ' बाबा, मोर करा देहे बर पइसा नि हे। इन्टरव्यूह देहे बर स्टेशन ले पैदल ही जावत हँव! '

     ' दान नि देबे त माता तोला इंटरव्यूह मा फेल करा देही। माता के प्रकोप ले डर! '

        ' माते तो जगत कल्याणी हे। ओकर अइसना निम्नस्तरीय सोच नि  हो सके! '

       ' बेवकूफ, जा गंदी नाली मा गिर! मोर श्राप हे!!'

    अमितेश के हाथ-पैर काँपे ला धर लीस फेर कोनो तरा वोहा संभल गे अउ इंटरव्यूह देहे पहुँचिच् गे। 

       थोरकुन दिन बाद रिजल्ट घोषित होइस। अमितेश नायब तहसीलदार सलेक्ट हो गे रहिस!

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