Sunday, 2 August 2026

टेचरही*

 *टेचरही* 

      *सोना ----हे।।*

लेड़गा कहिथे कइसे उसनिंधा- उसनिंधा दिखत हस जी।मे कहेंव हव रे लेड़गा सुने रेहेंव सोना मना हे।तेखरे सेती रात मे लिख पढ़ के जागे के उदिम करत हंव।हमर देश के सैनिक मन रात दिन देश बर पहरा दे सकत हे,त थोकिन हमू मन सहयोग कर सकत हन।लेड़गा कहिथे मोर तो नामे लेड़गा हे तैं तो मोरो ले बड़े वाला हस।मे कहेंव काय होगे जी।वईसन  बात नोहे जी सरकार  कहिस 

कम से कम एक बछर तक सोना बिसई ल बंद कर देव।देश के हालत (अर्थव्यवस्था)म सुधार आ जही।हमन हाल कमईया हाल खवईया कहां सोना ले सकबो जी?हमर टेकनी तो खुदे ओकर फोकट के पैंतीस किलो चांऊर म टेके हे।हप्ता म तीन चार दिन कमाथन।थोड़िक साग भाजी बर हो जथे बांकी शोले स्पेशल छत्तीसगढ़ के काम आथे।उही बहाना हमू मन अर्थव्यवस्था म सहयोग करथन।भले दान म सोना नी चढ़हा सकन।वईसे हमर राज ह शेरा म पहिली नम्बर हे।

             सरकार दे खाय बर त कोन जाय कमाय बर।अब एक ठन राज्य सरकार ह एक ग्राम सोना देके योजना घलो बनाय हे।नवा बईला के नवा सिंग चल रे बईला टिंगे टिंग।

              फेर गुनथों रे लेड़गा आलू ले सोना बनाय वाला मशीन मिल जतिस त ये सोना वाले झंझट खतम‌। एक डहर ले आलू डालो दूसर डहर ले सोना -सोना। बने होतिस सरकार ह घर पाछू एक एक ठन मशीन बांट देतिस। फेर धारमिक जगा मे भक्कम सोना चड़होत्री होतिस।अऊ कोनो ल चढ़ावा ल भसकाय ल घलो नी पड़तीस।भईया वईसन झन सोंच मौसम बिगड़े के बाद घलो रडार पकड़ लेथे।इहां सब कुछ मुमकिन हे।अऊ अईसन होतिस त सबके भाव बड़ जतिस जईसे सोना के।कईमया मन ल घलो रोज आरती उतार के ढोल मंजिरा धरके परघाय ल पड़तिस।जईसे भागवत पढ़हईया मन ल रोज परघा के गद्दी म बईठारथन।

           हे भगवान महूं ल कोनो जगा चंदा गिने के काम मिल जतिस दरसन के दरसन मन रहितिस परसन।

         लेड़गा पेट ल दबा के हांसत- हांसत कहिथे चल भईया सोना हे।

         फकीर प्रसाद 

         साहू फक्कड़ 

           सुरगी 🙏

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