Saturday, 12 September 2026

नानकुन कहानी " नजर सबो कोती " - मुरारी लाल साव

 नानकुन कहानी  

  " नजर सबो कोती "

   -  मुरारी लाल साव  


महापरसाद ला देखे बहुत दिन होगे रहिस l नानपन ले मितानी रहिस l आज पइंसठ बछर  होगे हे सुरता आ गे ओकर हाल चाल ला जाने के l बिसाहू अपन मितान रमेसर के गाँव चल दीस l मोटर साईकिल म जात रहिस बीच रद्दा म बिगड़ गे l पैदल गाड़ी ला रेंगावत जात रहिस l एक झन ला पूछिस -" कोनो गाड़ी बनाथे का जी आस पास म? " राहगीर बताइस -"नइ जानन ग  मालूम नइये हे l का होगे? का बिगड़ गे? "

बिसाहू कहिस -" आवत होही त तहीं देख ना!"

राहगीर -" मेकेनिक नोहंव फेर तोर मुसीबत ला देख के..... I 

बिचारा फट फूट करके  ऊपर नीचे देखिस l गाड़ी बिगड़ीस हे कोई कारण तो होही l

"पूछिस कहाँ जाबे?

"मितान के नाँव ला नइ लेवव फेर गुरूजी ला झाँकी वाले के नाम म सब जानथे l "

" हाँ हाँ मैं जानथव ओला l"

"बिसाहू गुरूजी "

"मोर मितान ए, मैं किसान के किसान रहिगेंव l ओहर... I 

रमेसर अपन गोठ ला निकालत रहिस l राहगीर कइथे -" अइसे कर बिगड़हा गाड़ी ल इही मेऱ छोड़ चल मोर संग म l 

मरता क्या नइ करता कोई चारा घलो नइ रहिस l 

गुरूजी के घर पहुंचीस त गुरूजी पेपर के पन्ना ला उलट पल्ट के देखत रहिस l ओकर नजर सबो कोती रहिस l मस्टरनिन चाय बनावत हे कि नहीं l  टुरा कति गिस? पेपर पढ़त  तलाक सुदा विज्ञापन पढ़त रहिस l एती ओती नजर ला घुमा घुमा के देखत रहय l 

हमन ला देखिस अब्बड़ खुश होगे l  

"महाप्रसाद के आना कोई जरूर खास बात है!" बिसाहू गुरूजी कहिस l 

रमेसर कहिस "मितान के सुध मितान नइ लिही ला कोन लिही l" 

गोठ बात होते रहिस बिसाहू के आँखी के आँसू निकले ला धर लीस l " सब ला झाँकी देखाएंव मोरे घर म चलत हे l 

बहू नइ रहंव कइके अपन मइके म जाके बइठ गे हे l उपराहा केस कर देहे l पेशी ऊपर पेशी 

 काला बतान  मरे बिहान होगे हे l" 

रमेसर -" मितान के पारी आथे  अपनो ला सुनाथे -" मोर इहाँ तो मोर टुरा उड़ावत हे का बहू लानेंव आगी म भुंजत हे?हमन लेसात हन महापरसाद l चीज बस ला बेंच के बहू ऊपर उड़ावत हे l " 

गुरूजी उमर भर सब ला बने रद्दा देखाइस l ओ�

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