Showing posts with label महामानव - डॉ अंबेडकर. Show all posts
Showing posts with label महामानव - डॉ अंबेडकर. Show all posts

Saturday, 18 April 2020

महामानव - डॉ अंबेडकर



                        महामानव - डॉ अंबेडकर

           समता, समानता, बंधुत्व, मानवता हमर संविधान के मूल तत्व आय ।इन मूल तत्व के बिना हमर संविधान के वो महत्व नई रह जाही जेखर कारण हमन अपन संविधान  मा गर्व करथन।

भारत जइसे बड़े देश जेमा कई धर्म, भाषा,बोली,प्रान्त हे अइसन देश ला एकता के सूत्र मा  बाँँधे मा हमर संविधान के बहुत बड़े योगदान हे।हमर देश के संविधान जेहा दुनिया के सबले बड़े लिखित संविधान आय ,ऐखर निर्माण के श्रेय जिन महापुरुष ला जाथे वो महापुरुष आयँ महान  चिंतक, समाजसुधारक, युगदृष्टा डॉ भीमराव अंबेडकर जी, जेला बाबा साहेब के नाम से घलो जाने जाथे।

14 अप्रैल 1891 मा वर्तमान मध्यप्रदेश के महू नाम के स्थान मा डॉ अम्बेडकर जी के जनम होईस।इंखर पिताजी रामजी मर्लोजी महू छावनी मा सूबेदार रहिन।इंखर पुरखा मन ब्रिटिश सेना मा रहिन ।बचपन ले ही आर्थिक ,सामाजिक, भेदभाव के शिकार होना पडिस।इंखर जन्म महार ( दलित) जाति मा होए के कारण से स्कूल मा पढ़ाई के दौरान जो भेदभाव के सामना करना पड़िस जेखर,बालक अम्बेडकर के मन मा गहरा प्रभाव पड़िस और यही समय मा हिन्दू समाज मा व्याप्त छुआछूत जातिप्रथा जैसे बुराई के खिलाफ संघर्ष के बीज पडिस ।                                                                 
1907 मा मेट्रिक करे के बाद  1908 मा एलफिंस्टन काँलेज मा प्रवेश लेवइया पहली दलित छात्र बनिन ।
1912 मा बॉम्बे यूनिवर्सिटी ले अर्थशास्त्र  अउ राजनीति शास्त्र  मा बी.ए. करे के बाद  लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स ले एम .ए .करिन । भारत आके भारतीय समाज मा व्याप्त जाति प्रथा जइसे बीमारी ला दूर करे के कोशिश शुरू कर दिहिन।

शुरुआत उपेक्षित वर्ग  जेला  दलित कहे जावे तेला जागरूक करे ले होइस। उपेक्षित वर्ग के पीरा ला दर्शाए बर अउ वो वर्ग ला जागरूक करे बर बहिस्कृत भारत, मूक नायक ,जनता जैसे पत्र पत्रिका निकालिंन । उपेक्षित वर्ग के प्रति होवइया
अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाए बर 1936 मा लेबर पार्टी के गठन करीन । 29 अगस्त 1947 मा डॉ अंबेडकर ला भारतीय संविधान सभा मा प्रारूप समिति के अध्यक्ष चुने गइस , प्रारूप समिति के अध्यक्ष बने के बाद मा संविधान के निर्माता के रूप मा बाबा साहेब जी हमर संविधान के रूप मा हमन ला अमूल्यनिधि दिहिन ।  अनुच्छेद 17 के तहत अस्पृश्यता के अंत दिए गइस। हमर संविधान के प्रस्तावना ,मौलिक अधिकार जेमा समानता के अधिकार भी शामिल हे ,अउ नीति निर्देशक तत्व बाबा साहेब के विचार के दरपन आय।बाबा साहेब आज़ाद भारत के पहिली कानून मंत्री बनीन ।संविधान निर्माण मा बाबा साहेब के योगदान के कारण मरणोपरांत भारत के सबले बड़े पुरस्कार भारत रत्न ले सम्मानित करे गइन।
            आज महानायक के जनम दिवस के अवसर मा हम सब उंखर दिखाए रद्दा मा चल के हमर देश ला विश्व मा महाशक्ति बने के उदीम करिन इही हम सब देश वासी के महानायक ला सबले बड़े  श्रद्धांजलि होही।

आलेख - चित्रा श्रीवास
             कोरबा छत्तीसगढ़