हास्य व्यंग्य
"बने करेस भगवान...!"
मुरारी लाल साव
भगवान के गोड़ ला छुके पाँव परे के आदत तो नइ रहिस फेर कोशिश म लगे रहिथंव उंकर दुनों गोड़ टमरा तो जतिस एको घा l उंकर गोड़ म धुर्रा नइ माढ़े होही l "मंदिरवा म का करे जइबो घट ही के देव ला मनाइबो... I
फोटू म उंकर चेहरा मुँहरन हाथ पाँव सब दिखथे l गोड़ छूवे के रिवाज हे माने ला परही l जेन गोड़ छूही उही ला मिलथे कइथे सब l कोनो नइ बाँचे हे एकाध झन होही जेन पाँव नइ परत होही l जोन जइसन पाँव परे हे ओला ओइसने फल /जीवन /ज्ञान / मुक्ति /सुख समृद्धि मिले हे l
माँ बाप कोती धियान नइ जाय l भगवान ले बढ़के हे सौहें दिखत हे l माँ बाप सब कुछ तोरेच बर करथे l तोरेच बर करत करत मर घलो जथे l ए ज्ञान ला देये बर गुरु महात्मा साधू संत आके बताथे l माँ बाप ला भगवान जान l माँ बाप के गोड़ छुओ सुबह शाम l प्रवचन ताय कहना ओकर काम l कोनो सुनत नइ हे, कोनो धरत नइ हे सोला आना बात ला l माँ बाप के गोड़ के धुर्रा के कोनो धोवइय्या नइ हे l जुग बीतत हे l मूरख ला कोन समझाही गुरु l चेताये समझाये अउ सिखाये बर गुरु आघूवाइस l गुरु के गोड़ ला धरो सेवा करो चपको तभे ज्ञान अउ भगवान मिलही l श्री गुरु चरन सरोज रज.... I गुरु घलो छाँट निमार के चेला ला सही काम बूता म लगाके पोठ बनाथे l उही पोठ चेला तहाँ अपन खुद गुरु बने म लग़ जाथे l आश्रम मोटर गाड़ी म चेत रखथे l गुरु गरु अस लगथे l गुरु गुड़ रही जथे,चेला शक़्कर हो जथे l गुरु के गोड़ धुर्रा म लद्दी म बोजागे हे, पाँव परे के मन नइ होवय l
जतका गुरु हे ओतका भगवान बनगे l भगवान घलो अकक्ल उही मन ला दीस l जतका गुरु के जतका चेला पाँव पराये बर आघू होगे हे गोड़ ला लमाके के बइठे हे l पाहन पूजे हरि मिले
तो मै पूंजू पहाड़... I
जेने मिलिस तेकर गोड़ ला बिन देखे पाँव परेंव l कोन जनी कब भगवान के गोड़ आघू म आ जही तरे के मौका मिल जाय l
बने करेस भगवान हमला मइनखे बना के राखेस l राक्षक प्रवृत्ति झन बाढ़े l अंहकार झन बाढ़े मर्यादा म सब रह
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