लघुकथा -
"जे ठो मुँह ते ठन गोठ "
-मुरारी लाल साव
बेरा बेरा म सब के गोठ सुहाथे l कोन कब कइसे गोठियाही?सुने के बाद पता चलथे l चौरा चौरा म एक से एक दार्शनिक मन असन कतको बइठे मिल जथे l दुनियाँ भर के ठेका लेके बइठे हे l ओइसने
एक दिन श्री बी आर बी मिलगे l याने भकला राम बावरा ओकर पूरा नाम हे l ओला ओकर पूरा नाम लेके बुलाबे त तमक जथे l पजामा धोती पहिने खांध म पटका डारे मेंछा दाढ़ी बढ़ाये पाछू कोती एक हाथ ला लुकाये बड़बड़ावत मिलगे l पूछ परेन -"बी आर बी जी धरती ला कोन धरे हे? बताहू का? "
'"धरती ला मेह धरे रहेँव अभीच मड़ायेंव!" कोन लेगे?
सहीच म बौरागे l सुध बुध कति हे ओला उहू पता नहीं l पगला नोहय भकला नोहय ज्ञानी हे l
हमर पूछे के मतलब ये रहिस धरती ला कोन बोहे हे? फेर पूछ के देखेन -" धरती ला कोन बोहे हे,भकला भइया?
धोखा होगे तुंहर नाम ले परेन l
झन पूछ ओकर तरमराना l
गाली बके रहितिस ओकर पहिली हमन ओला महात्मा जी महात्मा जी कहिके मान देन l तब बी आर जी (भकला राम )शांत होइस l शांत होके कहिथे -" धरती ला मही बोहे हँव दिखत नइ ये का? "
ओकर दर्शन ज्ञान ओकर करा बताही त तो हम जान बो?
बताना महात्मा जी! बताथे -"
मटकी ला देखत हस मोर मुड़ म हे l माटी के बने हे l माटी माने धरती l मटकी ल मही बनाये हँव मही धरे हँव l मही बोहे हँव l"
जे ठो मुँह तेठन गोठ l ओकर का का नाम धरके बइहा बना दे हे l एम ए तक पढ़ाई करे हे नौकरी घलो नइ मिलिस l छोकरी घलो नइ मिलिस l खोर किंजरा होगे l कोनो कहत हे जांगर चोट्टा हे l कोनो कहत हे ओकर जवानी नइ फूटीस तेखर सेती बिहाव नइ करिस l कोनो कोनो तो ओला...l"
आज हमन ला मालूम होइस बड़े ज्ञानी हमर बीच म हे तेला पूछत नइ हन lहमर चौरा म भकला असनआदमी पगला बन के हाबय l उहू ला मंच देये बर पाँच लाख -दस लाख देके
बैठार तीस त ओकर ज्ञान के लाभ सबला मिलतिस l बाहिर ले बुलाये का जरूरत! सतसंग करना हे सतसंग सुनना हे श्री "बी आर बी "कोती धियान दे ये पड़ही l इही सोच बिचार करके हमन जल�
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