Wednesday, 8 July 2026

लघुकथा -"भोंदू के मतलब " -मुरारी लालसाव

 लघुकथा   -"भोंदू के मतलब "

           -मुरारी लालसाव 

        इंटरव्यू के ऑफिस म अपन नंबर बुलाये के इंतजार करत अव्वल कुमार सोचत रहिस l का पूछही? तीर म एक झन अउ बइठे रहिस l ओला पूछिस -" अरे भाई  तै का तैयारी करे हस? "

ओहर कहिस -"का तैयारी? जुगाड़ करे ला पड़ही l"

अव्वल कहिस -" का जुगाड़?"  धुरिया घूंचत  कहिस -"अरे भोंदू हस का?" 

"भोंदू मतलब? गुस्सा ला रोक लीस l मने मन सोचिस l जउन गुरूजी मार मार के पढ़ाइस ओहा मोला "भोंदू "नइ कहिस कभू l मुरख़ भले कहिस l मुरख़ कहि कहिके मोला योग्य बना दीस पढ़ा लिखा समझा के l इही बात बताइस "न जुगाड़ काम आवय न नकल बेटा तै सफल होबे त अपने अकल से l" नम्बर आगे भीतर बुलाइस l

बड़े अधिकारी  पूछिस सवाल -"  जमींदार मन के रियासत ला अंग्रेज मन कइसे छिनिस? "

अव्वल कुमार के पास कई ठन उत्तर रहिस फेर आखिर म उही बात ला सोच के कहिस -" रियासत के जमींदार मन "भोंदू " रहिस l"

अधिकारी आँखी ला देखत रहिगे,जवाब ला सुनके l फेर पूछिस -" भोंदू मतलब  पूरा बताओ l"

अव्वल आत्म विश्वास ले कहिस -" जुगाड़ करे ला छोड़ दीस l" अच्छा जाओ l अधिकारी सोचिस -"स्वाभिमानी  हे l "

रिजल्ट आइस त देखिस अव्वल कुमार के नाँव  ऊपर म रहिस l 

-कुम्हारी जिला दुर्ग

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