Wednesday, 8 July 2026

घाम "के अलग अलग नाम

 " घाम "के अलग अलग नाम  

       -मुरारी लाल साव 

बेरा याने सुरुज भगवान l घाम लेके आथे l बेरा निकलिस घाम जनाथे l रोजे घाम होथे l ऋतु बदल थे,मौसम बदलथे l उही घाम आने आने जनाथे l अभी भागत जेठ के घाम ला देखत हन,जानत हन,सहत हन l ओकर नाम जेठ हरे -जेठ के घाम l  हर महीना के घाम अपन अनुभूति कराथे l पूस के घाम के अलग आनंद l बरसात आही बरसाती घाम l घाम के संग पानी गिरे ओला कोलिहा के बिहाव घाम कहिथे l "घाम उवत हे घाम उवत हे कोलिहा के बिहाव होवत हे l,लइका मन नाच नाच के गाथे l 

"लोक जीवन म  सब अनुभूति करे हे l  अनुभव होथे ओइसन नाम धर देथन l घाम जियानिस त कहिथन जइसे -लक लक ले घाम,रग रग ले घाम,चक चक ले घाम, टक टक ले घाम,लेसलेसहा घाम,

बदरहा/ बदराहा घाम,

रउंनिया घाम, भोरहा घाम,

 कोवंरहा घाम,कुंवरहा घाम,फुसफुसहा घाम,जोरदरहा घाम,मँझनीहा घाम,संझाउती घाम l आखिर म येदे अउ सुरता आगे  चर चरहा घाम l

सुरता राखे रहू अउ बताहू l

हमर छत्तीसगढ़ी कतका पोठ हे है ना l

-कुम्हारी जिला दुर्ग

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