Wednesday, 8 July 2026

समे

 *समे*

एक झिन बड़ मेहनती मनखे रिहिस।वो हर येदे लईका बर,येदे बुढ़ापा बर,येदे आने परिवार बर अइसे सोंच -सोंच के जांगर टोर मेहनत कर बड़ बड़े आदमी बनगे।कमई के मारे वोला न घर परिवार बर समे मिले न संगी जहुंरिया बर। एक दिन सोय जठना म यमराज आगे। वोला देख के पुछथे ते कोन अस? यमराज कथे मे यमराज।तोर दिन बादर पुरगे अब तोला जाना पड़ही।मनखे कथे मोर करा बहुत अकन धन दोगानी हे महराज आधा ल दे दूं हूं कम से कम मोला एक दिन समे दे देहू परिवार संग बिताय बर। यमराज कथे ये नइ हो सके।तब मनखे कथे मोर पूरा धन दोगानी ल ले ले मोला कम से कम एक घंटा के समे दे दे मोर संगी जहुंरिया मन बर चिठ्ठी पाती लिखहूं। यमराज कथे ये नइ हो सके।समे निकल गे।अऊ यमराज ओकर जीव ल हर लेथे।


   फकीर प्रसाद साहू 

          सुरगी 🙏

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