Thursday, 30 April 2026

चंदा के उजास चन्द्रहास साहू

                         चंदा के उजास

                      

                                चन्द्रहास साहू

                             मो- 8120578897

ट्रिन ट्रिन फोन के घंटी बाजिस अउ  मोटियारी के धियान वोती गिस। कोनो फाइल मा अब्बड़ बेरा ले माथापच्ची करत हाबे। फोन के घंटी बाजत हे वइसना मोटियारी के धड़कन घला बाढ़गे हावय धक..धक..। चेहरा के पसीना ला पोछिस डेरी हाथ मा अउ जेवनी हाथ ले घनघनावत मोबाइल के रिसीवर ला मसकिस।

"हेलो..... गुड मॉर्निंग सर!''

डर्रावत जोहार करिस। बैंक के जोनल मैनेजर आवय वोहा अकाउंट डिपार्टमेंट लोन एवम कुर्की शाखा के।

"क्या प्रोग्रेस है जो टास्क दिया गया था कितना प्रतिशत अचीव किये ?''

"सर जी ! कुछ फाइल मिल गई है, कुछ अभी भी ढूंढवा रही हूं। जल्द ही फाइल और डेटा आपको संप्रेषित कर दूंगी सर।''

"सेवेन वर्किंग डेज का टाइम था आपके पास, बावजूद काम नही कर पाई...। वर्क डन वेरी फास्ट देन अदरवाइज रिजाइन दिस सेक्शन-अंडरस्टैंड..., बेटर अंडरस्टैंड। सेंट्रल से ऑडिट टीम आ रही है मुझे कुछ नही सुनना पड़े।'' 

"जी सर ! आई विल डन।''

मोटियारी चंदा किहिस अउ फोन कटगे। मोटियारी लझरंग ले बइठीस अपन खुर्सी मा। छिन भर मा गोड़ हाथ मा पीरा भरगे। बॉटल के पानी ला पी डारिस एक्के साॅंस मा। चश्मा उतारके टेबल मा मड़ाइस अउ भावशून्य होगे। एसी चालू करके जुड़ाए लागिस। कॉल बेल बजा के अकाउंटेंट शर्माजी  ला बलाए बर किहिस चपरासी ला अउ फाइल मा फेर आँखी गड़िया दिस। 

               मोटियारी चंदा ला कुछ कमती बच्छर भर होगे हे ये बैंक मा मैनेजर के पोस्ट मा बुता करत। तीन बच्छर ले बस्तर के बियाबान जॅंगल मा नौकरी करिस। नक्सल मन के मांद मा, बैंक मा पइसा जमा करे, लेनदेन बर जागरूक करिस तेखर सेती भारत सरकार वित्त मंत्रालय ले ईनाम मिलिस अउ झटकुन प्रमोशन घला। जम्मो जगा सुघ्घर बुता करे हॅंव अउ इहाॅं ....!

चंदा गुनत हाबे मुड़ी ला धरके। उदुप ले प्यून आइस। 

"शर्माजी हा चेक क्लीयरेंस बर आने बैंक गेये हाबे मैडम !''

"आते ही पठोबे मोर करा।''

"जी मैडम!''

"समारिन दीदी ! चाय बना दे मुड़ी पीरावत हाबे।'' 

चंदा के गोठ सुनके प्यून समारिन उल्टा पाॅंव लहुटगे। बड़का परछी के पाछू कोती कीचननुमा केबिन मा अब चाय बनाए लागिस। चाय के ममहासी जम्मो परिसर मा बगरगे। जम्मो अधिकारी कर्मचारी के चेहरा मा उछाह के रंग दिखे लागिस। फाइल के ढेर, कंप्यूटर के खटर-पटर, टीवी मा बैंक के योजना के डिस्प्ले अउ खजाॅंची काउंटर मा भीड़- लइका छोकरा जवान मोटियारी अउ डोकरा जम्मो उम्मर के। कोनो पइसा निकालत हाबे तब कोनो पइसा जमा करत हाबे। सुघ्घर चमकत फर्श टाइल्स दीवार अउ जगर-बगर करत लट्टू मन। जम्मो ला ससन भर देखिस चंदा हा। शर्मा जी अकाउंटेंट ला फोन लगा डारिस फेर वोला अभिन बिलम हाबे। जोनल साहब हा लउहा लेवत हे भारी प्रेशर हाबे तभो ले मन ला शांत करे के उदिम करिस। 

चाय आगे अब। सिरतोन अंग्रेज मन भलुक कइसनो राहय फेर चाय ला हमर देश मा लान के सुघ्घर बुता करे हाबे। अब मोबाइल ऑन करिस अउ गोसइया के फोटू ला देखे लागिस। इही तो आवय जौन चंदा ला बल देथे सुख-दुख मा हाथ धरके रेंगथे। कोनो अनित मा डाॅंट डपट देथे तब दीवाना बनके आगू-पाछू किंजरथे घला। 

"लाखो  दीवाने मर जाते गालिब सिर दर्द में ।

एक चाय की प्याली और एक तेरा चेहरा,

दर्द भूला  देता है हा ...हा... हा ...।

चाय के चुस्की के संग गोसइया के गोठ के सुरता करत हलु-हलु मुचकाए लागिस चंदा हा। सिरतोन माथ पीरा कमती जनाइस अब।

"मे आई कम इन मैडम !''

"आवव शर्मा जी ! अब्बड़ बेरा ले अगोरा करत रेहेंव। सेंट्रल ऑडिट टीम अवइया हाबे वोकरे सेती जम्मो जानकारी ला बना दे। हमर ये शाखा ले कतका झन लोन लेये हाबे अउ डिफाल्टर किसान मन ला अंतिम नोटिस जारी कर। कतका राशि वसूली हाबे तौन ला बताबे।''

"अठारा करोड़ तिरालिस लाख पंचानबे हजार पांच सौ पैंतीस रुपया के वसूली हाबे मैडम जी ! ......अउ ये मन ला कतका नोटिस लिखबो। अब्बड़ नोटिस दे डारेंन फेर न रकम लहुटाये न नोटिस के जवाब देवय।''

"तब का करबोन अब शर्मा जी !''

"......तब तो कुर्की करे बर लिखे ला लागही मैडम !'' 

शर्मा जी किहिस। चंदा जानथे कुर्की के पीरा ला। कतको किसान ला मरत देखे हाबे वोहा। 

"शर्मा जी ! किसान मन बईमान होगे हाबे कि हालात बिगड़गे हावय फिल्ड ऑफिसर मन ले पुछवा तो। ... फेर अतका बंदरबाट कइसे होए हाबे ?''

चंदा पूछिस 

"पाछू वाले साहब हा गृहमंत्री के भांचा रिहिन मैडम ! रायपुर बिलासपुर धमतरी कांकेर अंबिकापुर जम्मो कोती ले बैपारी आवय अउ बिना ब्याज के कृषि लोन लेवय। सरकार छूट करे हावय न ब्याज ला। किसान मन घला अब्बड़ चतरा हाबे। अपन ऋण पुस्तिका ला दे देथे लोन लेये बर बैपारी अउ साहूकार ला। बैपारी लाखो रुपिया के कर्जा लेथे किसान के नाव मा अउ अपन कारोबार मा लगाथे। रकम ला छूटथे घला। बदला मा किसान ला दे देथे मूल धन के कुछ हजार रुपिया ला। भलुक कभु-कभु बैपारी साहूकार मन बेमानी कर देथे तब कोट-कछेरी हो जाथे।''

शर्मा जी बताइस ते सुकुरदुम होगे चंदा हा।

"सरकार नइ जाने...?''

"सब जानथे फेर सब तो पावर -पहुॅंच वाला आवय न मैडम ! सरकार के खुर्सी के पाया एकरे मन ले ठाड़े हाबे। कोन का करही ?''

शर्मा जी किहिस। 

" जोन भी कार्यवाही होही नियमानुसार होही। कुर्की घला करबोन....।  डिफाल्टर मन के लिस्ट लान।''

चंदा किहिस अउ शर्मा जी ले आनिस सूची ला। अब एक-एक ठन किसान के नाव ला देखत हाबे ससनभर - रामसिंग पैकरा, जोहन बंजारे, थनवार नेताम, दाऊ रामभुवन ठाकुर, सूरज ठाकुर अउ सुकमोतीन बाई। पढ़त हाबे अउ कुछु गुनत हाबे। रामभुवन ठाकुर सूरज ठाकुर गाँव बेल्हारी तहसील पाटन मा आँखी गढ़गे। सुरता के धार उमड़े लागिस।

              चंदा गरीब के बेटी आवय। का होइस कंडिल के अंजोर मा पढ़ीस ते फेर जौन ला पढ़ीस तौन ला गढ़ीस। का होइस कभु रेंगत स्कूल गिस, कभु टूटहा साइकिल मा फेर अपन जिनगी के रद्दा ला चतवार डारिस। का होइस चिरहा ओन्हा पहिर के स्कूल गिस ते आज कुबेर के मालकिन बनगे। भलुक रूप-रंग करिया रिहिस चंदा के फेर जीवन मा अब्बड़ उजास रिहिस अब। कतको उजास बगर जावय फेर जिनगी के अंधियारी के सुरता उदुप ले आ जाथे। ..... अउ वहूं दिन तो जिनगी के अंधियारी बेरा आवय। कॉलेज के एक दिन अपन क्लास के टूरा संग फटफटी मा बइठ के परीक्षा देवाये  बर का चल दिस। गाँव भर गोहार परगे चंदा अउ टूरा के बीच मया पलपलावत हाबे अइसे। आरूग बिरबिट करिया हे तभो ले अब्बड़ उड़ावत हाबे चंदा हा, एको कन रूपसुंदर रहितिस ते चूल्हा मा मूततिस ये टूरी हा... सिरतोन। पहाटनिन डोकरी के करू गोठ सुनके धरती फाट जातिस अउ समा जातेंव अइसे लागिस चंदा ला फेर धरती तो एके बेरा फाटथे बेटी सीता के दुख नइ देख सके तब। .... अउ अभिन के दुखियारिन बेटी के दुख ला कोन दाई समझ के पंदोली दिही। मोटियारी चंदा गुनत-गुनत अब्बड़ रो डारिस। 

"गरीब के बाढ़े बेटी घला मुड़ी के बोझा आवय जी। ..... अउ पढ़ई-लिखई मा हुशियार हाबे ते का होइस दिखब मा करिया हाबे। हमर इहाॅं अब्बड़ बड़का कोठा हाबे तोर बेटी हा गरुवा बरोबर रही ते मोर बड़का बेटा संग बिहाव कर देबो।''

जवनहा सूरज के ददा किहिस अपन मेंछा ला अइठत।

"वो तो अपन -अपन सोच आवय सगा ! कोनो हा बेटी मन ला गरुवा समझथे तब कोनो हा लछमी, देवी मान के नवराती मा सेवा बजाथे। ... अउ बेटी वोकरे कोरा मा जनम लेथे जौन भागमानी होथे। तोर घर तो बेटा हाबे। राजा दशरथ हा घला शांता देवी ला गोद लेके कन्यादान करे रिहिन। फेर तोर सोच तो कोनो बेटी ला पाल पोस के बड़का करे के अवकात घला नइ हाबे दाऊ जी !''

चंदा के ददा  रट्ट ले किहिस ते दाऊ के चेहरा उतरगे। 

"दाऊ चौरा मा रामलीला कृष्णलीला करवाथो। ठुमुक ठुमुक सांवरे राम चले...., गाना गाथो। मोरे सांवरे नंदलाल गोपाल.. गाना गा के दही लूटथो। ... हिन्दू धर्म के भगवान  सबके आदर्श विष्णुजी महादेव श्री राम अउ कृष्ण हा करिया हाबे तब बेटी हा करिया होगे ते का होइस ...? वोकर गुण ला देख बरन ला झन देख।''

"वोकर गुण ला देख के आए रेहेंन सियान ! चंदा हा होनहार हे अब्बड़ परीक्षा अउ इंटरव्यू देवावत हाबे सुने हावन। कोनो नौकरी मा तो लग जाही । .... अउ नौकरीवाली गोसाइन रही तब पईसा बरसही बम्फाड़।''

दाऊ किहिस। अब सूरज के बारी हाबे सुनाए के।

"भलुक हमन दाऊ बेड़ा के आवन तुहर असन कतको झन ला बिसा सकत हावन खड़े -खड़े फेर तुंहर घर नत्ता जोरे ला आए हावन तौने मा अपन भाग ला संहरा।.... अउ अतका बिरबिट करिया हाबे चंदा हा भलुक कलेक्टर बन जाही तभो ले काकरो जीवनसाथी बने के लाइक नइ हाबे।''

आँखी छटकारत छाती फुलोवत किहिस जवनहा सूरज हा।

"तुमन नत्ता जोरे बर नइ आए रेहेंव दाऊ। तुमन दुहानू गाय बिसाए बर आए रेहेंव।''

भलुक चंदा अगियावत रिहिस फेर वोकर  ददा किहिस रट्ट ले सूरज ला। अब सूरज अउ दाऊ सुटूर- सुटूर रेंग दिस।

                 सिरतोन अपन जिनगी के जम्मो पीरा ला सुरता कर डारिस चंदा हा छिन भर मा। चश्मा के डंडी ला उठा के आँखी के नमी ला पोछिस। पानी पीईस अउ जुड़ साॅंस लेवत फाइल के पन्ना ला फेर पलटे लागिस।

"मोर बनौती बना दे बेटी !''

एक झन डोकरी आइस रोवत अउ आरो करिस फेर सुरक्षा गार्ड रोक दे रिहिन। चंदा बलाइस अपन केबिन मा।

"का होगे दाई ?''

"देख न बेटी ! मोर खाता मा एको पइसा नइ हाबे कहिथे केशियर साहब हा । नतनीन के बिहाव बर एक-एक पइसा ला सकेलेे रेहेंव बेटी !''

डोकरी अपन पासबुक ला देखावत किहिस।..... अउ चंदा देखिस तब सिरतोन जुच्छा होगे रिहिस एकाउंट हा। दिल्ली ले ट्रांसजेशन होए रिहिन। डोकरी बम्फाड़ के रो डारिस सुनके। 

"न बाप के सगा न पुरखा के नत्ता, अउ न तो कभू दिल्ली के मुॅंहू ला देखे हॅंव। नाती टूरा के मोबाइल मा काकरो फोन आए रिहिस उही हा फोन मा गोठियाइस। एटीएम बंद हो जाही कहिके एटीएम के नंबर माॅंगिस दिल्लीवाला हा। मोर लपरहा नाती हा दे दिस। अब्बड़ बरजेंव कोनो ला नंबर झन बता कहिके फेर नइ मानिस मोर बात ला अउ अब जम्मो सिरागे।  ......खोज दे बेटी मोर जीवन भर के कमाई आवय। एक झन नतनीन बेटी के कन्यादान कर देतेंव वो। मेंहा तोर पाॅंव परत हॅंव बेटी !'' 

"पाॅंव झन पर दाई ! ऑनलाइन कंप्लेन दर्ज कर दे हॅंव दू चार दिन मा सुध ले लेबे दाई !''

दूनो हाथ जोरत चल दिस डोकरी हा। मेन गेट के जात ले देखिस चंदा हा डोकरी ला अउ एक झन जवनहा ऊपर आँखी थिरागे। कोनो चिन्हार कस लागत रिहिस। अब्बड़ भीड़ रिहिस आज बैंक हा। तिहार सीजन हाबे न। ये बेरा जादा भीड़ उमड़थे। 

"मैडम जौन मन ला कुर्की के नोटिस मिले रिहिस तौन मन आपसे मिलना चाहत हाबे।''

प्यून बताइस। चंदा फाइल ले नजर उठाइस अउ भेजे के इशारा करिस। जम्मो कोई केबिन मा आइस गद्दा वाला खुर्सी मा बइठिस फेर  जवनहा जब मोटियारी चंदा ला देखिस तब सुकुरदूम होगे, ठाड़ सुखागे। गद्दा वाला खुर्सी घला चाबे लागिस। चंदा के शरीर मा घला लाखो करोड़ो चाँटी रेंगे लागिस। झुरझुरी उमड़गे। ये जवनहा अउ कोनो नोहे भलुक सूरज आवय दाऊ के टूरा सूरज। कोनो ला खड़े-खड़े खरीदे के गरब करे तेखर जम्मो जैजात हा कुर्की होवत हाबे। 

"तुंहर जम्मो के नाव मा लाखो रुपिया के लोन हाबे अउ लोन के राशि जमा नइ कर पावत हव तब कुर्की करके रकम जमा करवाए के आदेश मिले हाबे। काबर अतका बड़का रकम के लोन लेये रेहेव।'' 

चंदा पूछिस रामप्रसाद हरीराम लतखोर किशन अउ सूरज ला। जम्मो कोई अपन अपन दुख बताइस।

"नानकुन खेती किसानी मोर। किराया भाड़ा कमाहू कहिके कंबाइन हार्वेस्टर बिसाये रेहेंव लोन लेके। चले कमती बिगड़े जादा। ...अउ हमर तीर तखार कोनो बनइया नइ हाबे एक ठन नट बोल्ट निकलथे वोतकी मा रायपुर लेगे ला परे।.... अउ जम्मो ला कर्जा मा बोर दिस।''

किशन बताइस।

"टेक्टर बिसाये रेहेंव अउ जम्मो कर्जा मा बोजा गेंव।''

रामप्रसाद किहिस।

"खेती करे बर कर्जा निकाले रेहेंव जवान बेटा के बीमारी मा खर्चा होगे। भलुक खेत जाही ते जावन दे। मोर जवान बेटा हाथ आगे उही मा जम्मो जैजात आगे मानथो।''

हरिराम बताइस।

चंदा जम्मो कोई के गोठ ला सुनिस अउ गुने लागिस। सुरता करे लागिस वित्त अधिनियम के तहत कइसे छूट देवावव कहिके। तभे मुड़ी गड़ियाके बइठे सूरज ला ससन भर देखिस अउ पुछिस।

"लोन के रकम ला आप काबर जमा नइ करेस सूरज जी ?''

सूरज हड़बड़ागे। 

"उह... उह वो मैडम ...! का बताओ ?''

"आप बताहूं तभे तो समस्या के निदान निकलही।''

बैंक मैनेजर चंदा किहिस।

"ठग दिस मैडम ! ये दरी सरकार हा अउ रायपुर वाला सेठ हा घला।''

"कइसे ?''

"हमर सरकार हा खेती के लोन ला बिना ब्याज के देथे न वोकरे सेती रायपुर वाला सेठ हा हमर चालीस एकड़ खेत के पट्टा मा लोन लेवय। हमर सहमति राहय। उही पइसा ला अपन बिजनेस मा लगावय अउ पूरा रकम के बीस प्रतिशत राशि हमन ला देवय। पट्टा के सेती। ब्याज तो देना नइ राहय। समय में रकम जमा करे। अउ सबले बड़का गोठ सरकार हा अपन वोट के राजनीति बर हर पंचवर्षीय मा किसान के कर्जा माफ कर देवय। किसान मन पाॅंच साल भक्कम लोन लेथे अउ नवा सरकार बनते ही अपन घोषणा के अनुरूप कर्जा माफी। फेर ये पारी कर्जा माफी नइ होईस अउ सेठ हा घला लोन नइ पटाइस तेकर सेती कुर्की तक गोठ अमरगे हाबे।''

सूरज बताइस। चंदा अचरज मा परगे।

"......फेर हमर कुर्की ला काबर रोकबे मैडम तोर बर तो सुघ्घर मौका हाबे। तोर घर जब गेये रेहेंन तब अब्बड़ अपमान करे रेहेंन तुंहर मन के । अपन रुपिया पइसा के गरब देखाये रेहेंन। .... अउ आज रहे बर एक कुंदरा घला नइ हे सब कुर्की के जद मा आवत हाबे। समय परिवर्तनशील हाबे। काली तुंहर घर जाके तुंहर असन कतको बिसा लुहूँ कहिके तांव देखाये रेहेंन अउ आज तोर आगू मा ....? झन कर हमर मदद...! तहु निकाल ले बैर ....।'' 

सूरज  उदास होके किहिस।

"मेंहा काकरो ले बदला नइ लेवव। बैंक के नियम अनुसार कार्यवाही होही।''

चंदा किहिस। 

"हाॅंव, एक उदिम हाबे कुर्की ला स्थगन कर सकत हावन।''

"का उदिम मैडम ?''

जम्मो कोई किहिस संघरा।

"वन टाइम सेटलमेंट योजना के तहत एकमुश्त रकम जमा करो। एमा छूट घला मिलही। आसानी ले छूट सकत हावव। मेंहा हावंव न, तुमन कुर्की ले जतका बाॅंच जावव बचाये के उदिम करहूॅं। नियमानुसार बुता होही।'' 

चंदा किहिस जम्मो कोई के आँखी चमके लागिस।

"कोनो बदला नइ लेवंव सूरज ! भलुक जम्मो कोई उछाह अउ सुख ले राहव। मेंहा बधाई अउ शुभकामनाए देवत हंव।''

चंदा मुचकावत किहिस। सूरज के आँखी जोगनी बरोबर चमक के बुतागे अउ केबिन ले बाहिर निकलगे।

"सूरज के जिनगी मा सुख अउ उछाह तो रिसागे हाबे मैडम !''

बाजू मा बइठे रामप्रसाद किहिस।

"शहर ले सोनपुतरी बरोबर बहू लाने रिहिस दाऊ हा। वो तो कमेलीन बहू चाहे रिहिस न ... मिलिस घला। मल्टीनेशनल कंपनी मा बड़का अधिकारी रिहिस । अब्बड़ पइसा कमाथे कहाय। .....अउ दिखे मा घला सुघ्घर। अतराब मा नइ रिहिस वइसन नोनी ! सरग के अप्सरा रिहिन फेर चाल मा कीरा परगे रिहिन। चार दिन रिहिस सूरज संग अउ घर  के जम्मो गहना जेवर ला धरके भागगे। दहेज प्रताड़ना के  झूठा केस मा फॅंसा दिस। बांध के लेग गे पुलिस वाला मन दाऊ मन ला। काेट- कछेरी तो सुरसा के मुॅंहू आवय जतका रुपिया-पइसा दे कमती रहिथे। आधा चीज सिरागे इही मा। दूधो गे दुहना गे। अब तलाक घला माॅंग डारिस अउ सूरज हा भलुक लांघन भूखन राहय फेर वोकर गुजारा भत्ता ला बेरा मा देवत हाबे।  सिरतोन का गोठियाबे दाऊ के बहुरिया के गोठ ला अब। .......उड़ागे अगास मा।'' 

रामप्रसाद जम्मो ला बताइस ते सुकुरदुम होगे चंदा हा। सिरतोन नारी तो त्याग बलिदान के मूर्ति होथे। दया करुणा ममता ले लबालब होथे। फेर अइसन.....? चंदा गुने लागिस।

"भगवान के असीस ले बड़का खुर्सी मा बिराजे हस बेटी ! दाऊ सिरागे फेर  अब जवनहा सूरज ला झन बुताए ला दे। अपन ले पंदोली दे दे, उदिम कर दे, बनौती बना दे वाेकर नोनी। ''

बड़का सियान रामप्रसाद फेर किहिस।

"हाॅंव बबा ! मोर ले जइसन बनही करहूँ संसो झन कर।''

चंदा ठाड़े होवत किहिस अउ दूनो हाथ जोर के जोहार करिस। सूरज मन पहिलीच ले अगुवागे रिहिस।

"में आई कम इन मैडम !''

शर्मा बाबू आवय वन टाइम सेटलमेंट योजना मा सबके डिटेल बना के लान डारे रिहिस। जम्मो ला दिखाए लागिस संग मा सियान डोकरी के फ्रॉड करे रकम ला खाता मा लहुटा डारे रिहिस तौन ला घला बताइस।

घड़ी देखिस सात बजत रिहिस। सुरुज देवता घला सुस्ताये बर अपन घर चल दे रिहिस अउ चंदा रानी उजियारी बगराये बर अवइया हाबे फेर वोकर ले आगू मैनेजर चंदा के चेहरा हा चमके लागिस। मन गमके लागिस अब। बैंक के आगू मा सरकारी गाड़ी ठाड़े होइस। हॉर्न बाजीस पी....पी....। नेम प्लेट मा लिखाए तहसीलदार हा चमकत रिहिस। ससन भर देख के मुचकाइस चंदा हा। आज के जम्मो बुता सिरागे रिहिस। बैंक के कर्मचारी मन घला घर जाए के तियारी करत हाबे। ऊंच पुर गोरा जवनहा अगोरा करत हाबे अपन गोसाइन चंदा के। ... अउ चंदा गरब करत हलु-हलु गोड़ उसालत हाबे। गोसाइया के गाड़ी के तीर आवत हाबे। अब अगास ले चंदा के उजास बगरत हाबे। तहसीलदार साहब ससन भर देखत हे कभू चंदा के उजास ला तब कभू चंदा के बरन ला।

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चन्द्रहास साहू  धमतरी

जिला-धमतरी,छत्तीसगढ़

पिन 493773

मो. क्र. 8120578897

Email ID csahu812@gmail.com

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