Thursday, 30 April 2026

करम के फल*

 *करम के फल* 

          एक झिन औरत बहुत पूजा पाठ,धरम -करम वाले रिहिस।ओला ओकर मरद हर रोज मार पीट करे।तब वो हर एक दिन अपन अध्यात्मिक गुरु ल पुछिस।कस गुरुजी मे अतिक पूजा पाठ धरम -करम के काम अऊ ओकर सेवा जतन करथों तभो ले मोर संग बड़ मारपीट करथे।तब वो औरत ल गुरुजी पुछथे रोटी देथे की नही।त कहिथे देथे।ताहने वो हर घर चल देथे।अऊ सोंचथे अब सब बने हो जही।फरे दूसर दिन ले फेर मारपीट शुरू। महिना दिन बाद फेर गुरुजी करा जाके पुछथे,कस गुरुजी वोकर मारपीट तो चलते हाबे। गुरुजी वोला फेर पुछथे रोटी देथे की नही,त कहिथे देथे।वो गुनथे अब गुरूजी के आशीर्वाद ले कुछ ठीक हो जही।फेर कहां ठीक होथे।अब वोकर हांथ पांव ल घलो टोर देथे।साल भर बाद फेर गुरुजी करा जाथे अऊ पुछथे अईसे काय पाप करे हौं गुरुजी जेकर सेती मोला ऐ दिन देखेबर मिलत हे।तब गुरुजी कहिथे पाछु जनम मे ते हर ओकर सौतेली मां रेहेस अऊ रोज ओला मार पीट के खाय ल देस।तेकर सेती तोला आज ए दिन देखेबर मिलत हे।


फकीर प्रसाद 

साहू फक्कड़ 

सुरगी 🙏

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