Saturday, 24 January 2026

प्राईम टाईम में मुसवा* (व्यंग्य)

 *प्राईम टाईम में मुसवा* (व्यंग्य)


रतिहा 8 ले 9 बजे के बेरा हा समाचार चैनल वाले मन बर अभीजित मुहुर्त ले ओपार शुभ होथे।इही बेरा मा मनखे जें खाके अलथत कलथत डकार मारत देश दुनिया के खबर लेयबर समाचार देखथे।

आधा किलो पाउडर अउ सौ ग्राम लिपिस्टिक पोते समाचार वाचिका निकलथे अउ देश नीते राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दा ऊपर पंचइती करथे।हांव हांव करत पक्ष विपक्ष के मनखे मन स्टूडियो में कुकुर ले ओपार एक दूसर ऊपर गुर्रावत रथे। हालांकि कैमरा के पाछू मा दूनों झन एके प्लेट में बिरयानी जमावत रथे।ये अलग बात आय।

जनता जनार्दन इही मा खुश रहिथे अउ चैनल वाले मन धकाधक विज्ञापन पाके नोट छापत रथे।

आज के प्राईम टाईम कार्यक्रम में मुसवा ला आमंत्रित करे गे रिहिस।काबर कि मुसवा घलो अब करोड़ों के धान खाने वाले हस्ती के रुप में देश दुनिया में प्रसिद्ध होवत हे।तइहा के बात ला बइहा लेगे।जब मुसवा ला नानुक जीव समझे जाए अउ उंकर हिनमान कराए के नीयत ले ही ये हाना बनाए रिहिन होही-बडे़ बड़े के चलती नहीं तिहां मुसवा के मनतरपी।

मुसवा घलो अब बड़े बड़े कारनामा ला अंजाम देय मा सक्षम हे।

टीवी में मुसवा ला आमंत्रित करके भारी स्वागत करे गिस ताहने समाचार वाचिका पूछिस-मिस्टर माऊस का ये बात सही हरे कि तुमन छत्तीसगढ़ राज्य में मनमाने करोड़ों के धान खा डरेव? 

मुसवा किथे-तोर डाई करे चूंदी वाले मुड़ मा हाथ रखके कसम खावत हों बहिनी ए बात पूरा सोला आना लबारी आय।हमर नोहरहा के दूठन दांत अउ नानुक पेट मा अतेक ताकत नीहे जे हजारों बोरा धान ला पचा सके।

समाचार वाचिका-त समाचार मन मा जे खबर देखाए जावत हे वो थोरे लबारी हरे।

मुसवा-समाचार मा जेन बताए जावत हे वो पूरा मुसवा समाज ला बदनाम करे के साजिश हरे।हमर सात पुरखा में कभू अइसन‌ नी होय हे।

समाचार वाचिका-ए पहिली मामला नोहय।तुंहर ऊपर पहिली भी आरोप लगे हे कि तुमन मालथाना में जब्ती करे गे दारु अउ गांजा तक ला नी छोड़व।

मुसवा-हमर जनम तो बदनाम होय बर होथे वो दीदी।एक दू झन मुसवा मन शौकीन होथे त एकात केस होगे होही।हम इंकार नी करन।बाकी हमर डोज कतेक होही तेला पब्लिक ला हमर देंहे पांव के साईज ला देख के समझना चाहिए।

समाचार वाचिका-मने तुंहर कहिना हे कि तुंहर नाम के आड़ मा कांड दूसर मन करथे।

मुसवा-हम हमर नानुक मुंह में कइसे काहन भई!! बाकी जौन हे तौन ला तो पूरा संसार जानत हे।

समाचार वाचिका-तुंहर मन के मारे अभी तक घर के माइलोगन मन हलाकान रिहिन अब सरकार तको तुंहर डर में कांपत हे।एकर बारे मा का कहिना हे।

मुसवा-घर के दार चाउंर, रोटी पीठा, खेत खार के अन्न खाए के अधिकार हमन ला भगवान देय हावे।ता ईमानदारी से हमन अपन अधिकार के उपयोग करथन।हमर खवाई अतेक कम रथे कि तइहा के सियान मन केहे रिहिन-मुसवा के खाए ले कोठी के धान नी सिराय।फेर ए दारी अइसे टाईप इल्जाम हमर समाज ऊपर लगे हे कि हमन पब्लिक ला चेहरा नी देखा सकत हन।

समाचार वाचिका-मने तुमन अपन अपराध ला स्वीकार नी करौ।

मुसवा-जेन अपराध ला हमर बिरादरी करे के लाइक नीहे तेला हमन कइसे स्वीकार कर लेबो।हमर पेट के साईज देख के साहेब मन ला इल्जाम लगाना चाहिए।बिधाता घलो भोरहा में पर गेहे काते?मुसवा जोनी के मनखे ला मानुष तन दे देहे।जेमन जब देख तब खाए बर तियार रहिथे।

समाचार वाचिका-त अवइय्या बेरा मा तुंहर समाज के का रणनीति रही ये मुद्दा ऊपर? 

मुसवा-हमर का रणनीति रही दीदी। सरकार ले सीबीआई जांच के अपील करबो अउ लंबोदर भगवान ले भी निवेदन करबो कि ये धानवाले कलंक ला हमर मुड़ ले मिटावव नीते एसो भादो में हमर समाज के तरफ ले सवारी सुविधा के पूरा बायकाट करे जाही।


रीझे यादव 

टेंगनाबासा

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